साहसिक प्रयास है “पूर्णा”

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कास्‍ट : अदिति‍ इनामदार, एस. मारिया, राहुल बोस, धृतिमन चटर्जी,

हीबा शाह, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, आरिफ जकारिया

डायरेक्‍टर : राहुल बोस

समय : 1 घंटे 40 मिनट

जॉनर : ड्रामा

लैंग्‍वेज : हिंदी

 

यह फिल्‍म असल जीवन की कहानी पर आधारित है। यह कहानी है पूर्णा की, जो तेलंगाना के आदिवासी समुदाय से ताल्‍लुक रखती है। पूर्णा ने 13 साल की उम्र में माउंट एवरेस्‍ट फतह किया था। यह सबसे कम उम्र में एवरेस्‍ट शिखर पर चढ़ाई का रिकॉर्ड है।

 

पूर्णा के सफर की कहानी में लेखकों ने कई भावुक और ध्‍यान खींचने वाले तत्‍व जोड़े हैं। पूर्णा का किरदार अदिति इनामदार निभा रही हैं। उन्‍होंने पूरी ईमानदारी बरती है। बोस के डायरेक्‍शन में अदिति ने न्‍यूकमर एक्‍टर एस. मारिया के साथ कई भावुक सीन में जान डाल दी है। मारिया ने प्रिया का किरदार निभाया है। हालांकि कि अदिति के सबसे बेहतरीन सीन राहुल बोस के साथ ही हैं।

 

राहुल बोस फिल्‍म में डॉ. आरएस प्रवीण के किरदार में हैं, जो पूर्णा के मेंटर और सुविधा मुहैया करवाने वाले हैं। बोस ने कैमरे के आगे और कैमरे के पीछे दोनों जिम्‍मेदारियों को बखूबी निभाया है। सलीम-सुलेमान के संगीत से सजे गाने ताजगी का एहसास करवाते हैं। जहां सबटाईटल्‍स नहीं हैं, वहां तेलुगू की जगह हिंदी और अंग्रेजी का प्रयोग किया गया है। हालांकि, यह कहीं से भी फिल्‍म के प्रभाव को कम नहीं करता। लेकिन इसे ज्‍यादा असल और सहज भाव में बनाया जा सकता था।

 

करीब 16 साल बाद डायरेक्‍शन की बागडोर संभालने वाले राहुल बोस ने सादगी में सुंदरता तलाशी है। सभी एक्‍टर्स ने बहुत ही अच्‍छा काम किया है। साथ ही संगीत पक्ष इसे और मजबूत बनाता है। यह फिल्‍म ना सिर्फ युवा महिलाओं के लिए, बच्‍चों के लिए है। यह फिल्‍म हर उस शख्‍स‍ियत के लिए है, जो जिंदगी में ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं।

हमारी तरफ से फिल्म को 3 स्टार्स।

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