बैजनाथ पंवार कथा साहित्य पुरस्कार नंद भारद्वाज को

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साहित्य पुरस्कार

प्रयास संस्थान, चूरू की ओर से दिया जाएगा ग्यारह हजार रुपए राशि का पुरस्कार,
कथाकृति ‘बदळती सरगम’ हेतु मिलेगा पुरस्कार

जयपुर। प्रयास संस्थान, चूरू की ओर से साहित्य सम्मान की शृंखला में वर्ष 2017 का बैजनाथ पंवार कथा साहित्य पुरस्कार जयपुर के प्रसिद्ध साहित्यकार नंद भारद्वाज को दिया जाएगा। कथा कृति ‘बदळती सरगम’ के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रयास संस्थान के अध्यक्ष दुलाराम सहारण ने बताया कि पुरस्कार स्वरूप भारद्वाज को शॉल, श्रीफल, मानपत्र के साथ-साथ ग्यारह हजार रुपये की राशि भी प्रदान की जाएगी। संस्थान सचिव कमल शर्मा ने बताया कि आगामी अक्टूबर माह में चूरू जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। समारोह में ग्यारह हजार रुपये राशि का सावित्री चौधरी खूमसिंह साहित्य पुरस्कार तथा इक्कावन सौ रुपये राशि का दुर्गेश युवा साहित्यकार पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा, जिनकी अभी घोषणा होनी बाकी है।

राजस्थानी साहित्य के उल्लेखनीय हस्ताक्षर हैं नंद भारद्वाज

राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के माडपुरा गांव में 1 अगस्त 1948 को जन्मे नंद भारद्वाज राजस्थानी और हिंदी के लोकप्रिय कवि, कथाकार, समीक्षक और संस्कृतिकर्मी हैं। भारद्वाज को पत्रकारिता, आकाशवाणी और दूरदर्शन में संपादन, लेखन, कार्यक्रम निर्माण और प्रसारण के क्षेत्र में चालीस साल का अनुभव है। राजस्थानी में ‘अंधार पंख’ (कविता संग्रह), ‘दौर अर दायरौ’ (आलोचना), ‘सांम्ही खुलतौ मारग’ (उपन्यास) तथा ‘बदळती सरगम’ (कहानी संग्रह) तथा हिंदी में ‘झील पर हावी रात’, ‘हरी दूब का सपना’ और ‘आदिम बस्तियों के बीच’ (कविता संग्रह) तथा ‘आपसदारी’ (कहानी संग्रह), ‘संवाद निरंतर’, ‘साहित्य परम्परा और नया रचनाकर्म, संस्कृति जनसंचार और बाजार इनकी महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं। हिंदी दैनिक जलते दीप, राजस्थानी साहित्यिक पत्रिका ‘हरावळ’ के संपादन के साथ-साथ भारद्वाज ने नेशनल बुक ट्रस्ट तथा साहित्य अकादमी की कई पुस्तकों का संपादन भी किया है।
राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सूर्यमल्ल मीसण शिखर पुरस्कार, साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के मुख्य पुरस्कार तथा के.के. बिड़ला फाउण्डेशन के बिहारी पुरस्कार से समादृत भारद्वाज दूरदर्शन केंद्र, जयपुर के वरिष्ठ निदेशक पद से सेवानिवृत्त होकर फिलहाल पूर्ण रूप में लेखन में संलग्न हैं।

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