
अलवर पुस्तक मेले में हास्य नाटक देखने उमडी दर्शको की भारी भीड़, आज होगा मेले का समापन
अलवर। नेशनल बुक ट्रस्ट और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय ‘अलवर पुस्तक उत्व एवं आर्ट मेले’ में मंगलवार को जाने माने रंगकर्मी दिनेश प्रधान के नेतृत्व में के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन हुआ। नाटक में वर्तमान दौर में बुजुर्गों के हालात को दर्शाया गया था कि किस तरह अपने बच्चों के रूखे व्यवहार से आहत होकर एक पिता घर से चला जाता है।
पिता के चले जाने के बाद बेटे की व्यथा, बहु की बेपरवाही, नौकर की व्यंगात्म शैली सहित समाज के अन्य लोगों की होने वाली प्रतिक्रियाओं को बेहद शानदार ढंग से नाटक में आडियंस के समक्ष प्रस्तुत किया गया। नाटक के मंचन में जयपुर की रंगशीर्ष आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी के कलाकारों द्वारा मंझा हुआ अभिनय देखने को मिला। नाटक में बेटे के रोल में विकास भटनागर, बहु के किरदार में मान्या रावत, नौकर के रोल धीरज भटनागर और फजल चाचा की भूमिका में दीपक शर्मा ने सटीक अभिनय किया।
इस अवसर पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी, जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकरी मौजूद थे। मंच संचालन गिरीश गुप्ता व मनीष जैन ने किया।
साहित्यकारों ने करवाया जीवन के विभिन्न पहलुओं से रूबरू
मेले के दौरान मंगलवार को कहानी पाठ कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया जिसमें जाने—माने साहित्यकार दिविक रमेश, नरेश शांडिल्य एवं अंजना अनिल ने कहानी पाठ कर समाज और जीवन के विभिन्न पक्षों से रूबरू करवाया।
मेले में पुस्तके खरीदने उमडे शहवासी
आयोजको के अनुसार पुस्तक मेले में अब तक अनुमानित पांच हजार से अधिक पुस्तको की बिक्री हो चुकी है जिसमें हर आयुवर्ग की पुस्तके शामिल है। एक ही छत के नीचे अपने पसंदीदा विषय और लेखको की पुस्तके पाकर शहरवासी काफी खुश दिखाई दिए। आयोजको के अनुसार पुस्तक मेले में बुक ट्रस्ट को मुरादाबाद के सबसे अधिक आय अलवर शहर से हुई है। ट्रस्ट शीघ्र ही अलवर में एक और पुस्तक मेले का आयोजन कर सकता है।


































