नीलामी के तीन विफल प्रयासों के बाद आखिरकार बैंकों को किंगफिशर विला को बेचने में सफलता मिली है। उद्योगपति विजय माल्या की गोवा में बनी इस आलीशान प्रॉपर्टी पर अब अभिनेता सचिन जोशी के नाम की प्लेट चमकेगी।
बैंकों के समूह ने इसे एक ‘प्राइवेट डील’ के जरिये अभिनेता-निर्माता सचिन जोशी की कंपनी वाइकिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट को बेचा है। सचिन जोशी मूलत: राजस्थान के रहने वाले हैं, उनके दादा मोहनलाल जोशी और पिता जेएम जोशी कभी जोधपुर में पान-मासाले की दुकान लगाते थे।
एक निजी समझौते के जरिये 73 करोड़ रुपए में इस संपत्ति का सौदा हुआ है। जोशी कई तेलुगु और हिंदी फिल्मों में काम कर चुके हैं। ‘मुंबई मिरर’, ‘अजान’, ‘जैकपॉट’ और ‘वीरप्पन’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में वह दिखाई दिए थे।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुआई में 17 बैंकों के कंसोर्टियम का किंगफिशर एयरलाइंस पर 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। एयरलाइन की संपत्तियां बैंकों की कस्टडी में हैं।
इन्हें बेचकर बैंक अपना कर्ज वसूलने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने किंगफिशर विला को बेचकर ही दम लिया। इस विला में कभी माल्या भव्य पार्टियां दिया करते थे।
इस हफ्ते के शुरू में किंगफिशर विला को बेचने के प्रयास परवान चढ़े। यह नीलामी की तीन विफल कोशिशों के बाद हो सका। इस प्रॉपर्टी को नीलाम करने का अंतिम प्रयास 16 मार्च को किया गया था।
अब उधारदाताओं के पास सिर्फ किंगफिशर हाउस बचा है। शुरुआत में इस प्रॉपर्टी की कीमत 150 करोड़ रुपए आंकी गई थी, लेकिन चौथे दौर में भी इसकी नीलामी नहीं हो सकी थी।
17 बैंकों के कंसोर्टियम और वाइकिंग मीडिया के मालिक अभिनेता-निर्माता सचिन जोशी दोनों पक्षों ने सौदे की पुष्टि करने से इन्कार कर दिया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो उत्तरी गोवा में बने विला को 73.01 करोड़ रुपए में अंततः जोशी को बेच दिया गया है।
यह बैंकों की ओर से रखे गए आरक्षित मूल्य 90 करोड़ रुपए से कहीं कम है। यह विला 12,350 वर्ग फीट या तीन एकड़ में फैला है। एयरलाइन की पैरेंट कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग का कानूनी रूप से इस पर अधिकार हुआ करता था।
मई, 2016 में बैंकों ने इसका कब्जा अपने हाथ में ले लिया था। उधारदाताओं ने किंगफिशर लोगो के ब्रांड वैल्यू सहित ट्रेडमार्कों को भी अगस्त, 2016 में नीलाम करने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
































