
उत्तराखण्ड में चमोली के जाखणी गांव में रहने वाले दीपक कठैत का नाम लंदन की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट में चुने जाने से एक बार फिर उत्तराखण्ड का नाम सुर्खियों में छाया हुआ है। 30 साल के दीपक का नाम फाइन आर्ट फोटोग्राफी रिसर्च प्रोग्राम के तहत रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट लंदन के लिए किया गया है, जिसमें 60 देशों से भी ज़्यादा देशों के छात्र रचनात्मक विषयों में रिसर्च के लिए जाते हैं। दीपक ने जनवरी में लंदन के इस कॉलेज में फोटोग्राफी रिसर्च प्रोग्राम के लिए आवेदन किया था। लंदन के नामी कॉलेजों में शुमार रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट में दो साल के फाइन आर्ट फोटोग्राफी रिसर्च कोर्स में दीपक सितंबर से जुटेंगे। उत्तराखण्ड में दीपक देवी राजजात, स्थानीय परंपराओं और अनुष्ठानों पर शोध भी कर चुके हैं, जिसके लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है। फाइन आर्ट फोटोग्राफी रिसर्च के लिए नाम चुने जाने के बाद दीपक ने रॉयल कालेज ऑफ लंदन में दे साल के रिसर्च के बाद उत्तराखण्ड के गढ़वाल में हिमालयन ग्लोबल आर्ट व्लेज की सथापना करने की इच्छा ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से उत्तराखण्ड के युवा फाइन आर्ट की पढ़ाई करने के बाद इसी दिशा में कदम आगे बढ़ा सकते हैं, जिससे उत्तराखण्ड में तेज़ी से बढ़ रहे पलायन पर रोक लगाई जा सके।

































