विदेश में भारतीय संस्कृति की खुशबू बिखेर रहा ‘कमल’

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हस साल मेलबर्न में आयोजित करते हैं ‘बैसाखी’ और’गणगौर का मेला’

जयपुर। राजेन्द्र सेन

भारतीय कला व संस्कृति के विदेशी इस कद्र कायल हैं कि उन्हें भले ही यहां की भाषा समझ में न आए मगर यहां की संस्कृति को समझने के लिए सात समन्दर पार का यंहा आते है। खासकर राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्य को सीखने के लिए के लिए विदेशी लालायित नजर आते हैं। भारतीय कला, संगीत व संस्कृति को विदेशियों के दिलों में बसाने का थोडा श्रेय तो हाल आ​स्ट्रेलिया में रह रहे श्रीगंगानगर जिले की रायसिंहनगर तहसील के कमल चौधरी को भी जाता है। कमल से प्रेरणा लेकर आस्ट्रेलिया में प्रवासी भारतीय हर साल ‘बैसाखी’ और ‘गणगौर’ के मेले का आयोजन कर रहे है। पंजाबी और राजस्थानी गानों ओर डांस पर आधारित इन दौनों इवेन्ट्स से वंहा के नागरिक भी भारतीय कला और संस्कृति के कायल हो गए है। कमल भी अपनी बुलंद आवाज और नृत्य के जरिए भारतीय संस्कृति को जीवंत कर रहे है। उन लोगों का भारतीय संस्कृति के प्रति केज का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि वे kamal के मार्गदर्शन में राजस्थानी कालबेलिया नृत्य का प्रशिक्षण लेकर वंहा होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी कला का जोहर पेश कर रहे है। इसी कडी में कमल हर साल आॅस्ट्रेलिया के सैलानियों के ​ग्रुप्स को लेकर राजस्थान विजिट के लिए यंहा आते है और उन्हे यंहा की संस्कृति से रूबरू करवाते हैं

पंजाबी और हरियाणवीं पर भी रहेगी नजर

kamalकमल भारतीय संस्कृति के साथ—साथ अपनी मातृ भाषा ‘राजस्थानी’ के चार्म को भी विदेश में बरकरार रखे हुए है। यही नही राजस्थानी के साथ—साथ कमल ने पंजाबी गानों में भी अपनी आवाज देकर बहुत नाम कमाया है। प्यूचर प्लानिंग के बारे में बताते हुए कमल ने बताया कि राजस्थानी के अलावा कुछ हरियाणवीं और पंजाबी गाने भी उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में है। उन्होने बताया कि इन सभी गानों की शूट के लिए भी राजस्थान में ही लोकेशन्स फाइनल की है और सभी गानों में मॉडल्स के रूप में विदेशी कलाकार ही नजर आएगें जिन्हे खुद कमल ने ट्रेंड किया है। इन कलाकारों को राजस्थानी कला और संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए कमल उन्हे अपने साथ जयपुर लेकर आए है।

कमल के डायरेक्शन में राजस्थानी के अलावा अब हरियाणवीं और पंजाबी गानों की शूटिंग भी राजस्थान के शहरों में की जाएगी। इन गानों में बतौर लीड डांसर इटली में पैदा हुई बहिरा नजर आएगी। बता दे कि बहिरा ने मेलबर्न में रहकर कमल चौधरी के मार्गदर्शन में राजस्थान के प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्य का प्रशिक्षण लिया है। बहिरा राजस्थानी भाषा बोल तो नही पाती है लेकिन म्यूजिक रिदम और स्टेप्स देखकर इस नृत्य को पूरी तरह सीख लिया है। बहिरा को राजस्थानी वेशभूषा काफी लुभाती है। कमल का कहना है कि राजस्थान से ​बहिरा का प्रेम इतना है आस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले कमल के लगभग हर कार्यक्रम में वे राजस्थानी म्यूजिक पर अपनी प्रस्तुति देती है।

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