सोनू के संघर्ष की दास्ताँ !

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सोनू निगम बॉलीवुड के उन सफलतम गायकी के जादूगरों में शुमार है जिनका असर कभी कम नहीं हो सकता |

उनका जन्‍म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था. सोनू निगम को बचपन से ही संगीत में विशेष रूचि थी. उन्‍होंने मात्र तीन साल की उम्र में अपने पिता अगम कुमार निगम के साथ स्‍टेज कार्यक्रमों में हिस्‍सा लेना शुरू कर दिया था. आईये जानते हैं उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें

1. मात्र 3 साल की उम्र में सोनू निगम ने स्‍टेज पर अपने पिता के साथ मोहम्‍मद रफी का हिट गाना ‘क्‍या हुआ तेरा वादा…’ गाया था. इसके बाद उन्‍होंने कई शादी-पार्टियों में भी गाया.

2. मात्र 18 साल की उम्र में वो अपना भाग्‍य आजमाने मुंबई आ गये. शुरुआती दिनों में सोनू निगम को काफी संघर्ष करना पड़ा. वे स्‍टेज में मोहम्‍मद रफी के गाये गानों को पेश किया करते थे. उनके हुनर को पहचान कर प्रसिद्ध कंपनी टी सीरीज ने उनके गानों का एलबम ‘रफी की यादें’ निकाला.

3. सोनू ने बतौर सिंगर फिल्‍म ‘जनम’ से डेब्‍यू किया लेकिन यह फिल्‍म दुर्भाग्‍य से रिलीज ही नहीं हुई. पांच सालों तक वे खुद को पहचान दिलाने की जुगत में लगे रहे. यहां तक कि उन्‍होंने बी और सी ग्रेड फिल्‍मों में भी पार्श्‍वगायन किया लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ.

4. वर्ष 1995 में उन्‍हें टीवी शो ‘सारेगामा’ होस्‍ट करने का मौका मिला. इसी बीच उनकी मुलाकात टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार से हुई, जिन्‍होंने उन्‍हें फिल्‍म ‘सनम बेवफा’ में गाने का मौका दिया. सोनू निगम ने इस फिल्‍म का गाना ‘अच्‍छा सिला दिया तूने…’ गाया. उनकी आवाज का जादू चल गया और फिर उन्‍होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

5. इसक बाद उन्‍होंने ‘दिल से’, ‘सरफरोश’, ‘ताल’ और ‘सोल्‍जर’ जैसी कई बड़ी बजट की फिल्‍मों में गाया. उनकी आवाज को दर्शकों ने बेहद पसंद किया. फिल्‍म ‘परदेस’ में ‘ये दिल दीवाना…’ गाकर वे युवाओं का क्रेज बन गये.

6. उन्‍होंने रोमांटिक, सैड, रॉक और देशभक्ति के कई गानों को अपनी आवाज दी. उन्‍होंने हिन्दी के अलावा उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, बंगला, पंजाबी, मराठी, तेलुगू, भोजपुरी, कन्नड़, ओडिया और नेपाली फिल्मों के लिए भी अपनी आवाज दी है.

7. उन्‍हें वर्ष 2002 में फिल्म ‘साथिया’ के ‘साथिया…’ गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ गायक का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया. इसके बाद 2003 में फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गीत ‘कल हो ना हो’ के लिए भी उन्‍होंने सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक केा फिल्म फेयर पुरस्कार के साथ-साथ राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता.

8. सोनू निगम गायकी के साथ-साथ सामाजिक उत्‍थान से भी जुड़े है. वे कई कल्‍याणकारी संगठनों जैसे कैंसर, कुष्‍ठ रोगियों और अंधों के कल्‍याण के लिए चलाई जा रही सस्‍थाओं से भी जुडे है.

9. उन्‍होंने ‘संदेशे आते हैं’, ‘सूरज हुआ मध्‍यम’, अभी मुझ में कहीं, दो पल रुका, सौ दर्द है, अब मुझे रात दिन, गुजारिश, माही वे, भगवान है कहां रे तू, दिल ने ये कहा है दिल से, छोटी-छोटी रातें, सबकुछ भूला दिया, पीहू बोले और ‘मेरे हाथ में…’ जैसे कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी है.

10. सोनू निगम ने पार्श्‍वगायन के साथ-साथ फिल्‍मों में भी अभिनय किया. उन्‍होंने ‘एक अनोखी प्रेम कहानी’, ‘जानी दुश्‍मन’, ‘लव इन नेपाल’ और ‘काश आप हमारे होते’ जैसी फिल्‍मों में काम कर दर्शकों को हैरान कर दिया था.

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