पर्यटन को बढावा देने के लिए हर माह होगा पारम्परिक कलाओं का प्रदर्शन

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पारम्परिक

जयपुर। राजस्थान सरकार पर्यटको को लुभाने के लिए नित नए नवाचार कर रही है। इसी क्रम में पुरातत्व विभाग और जयपुर कथक केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से नवाचार शुरू किया गया है। जिसके तहत प्रत्येक माह की पूर्णिमा को शहर के ह्दयस्थल रामनिवास बाग स्थित अलबर्ट हॉल पर कथक का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी कडी में बुधवार को पहली बार अल्बर्ट हॉल प्रांगण में जयपुर कथक केन्द्र के कलाकारों द्वारा कथक का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध स्तुति के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में जयपुर कथक केन्द्र के युवा कलाकारों द्वारा पारंपरिक कत्थक नृत्य जैसे तोडे , चक्कर और घुमावदार परण की प्रस्तुति की गयी।
ऐसा पहली बार ही है जब अल्बर्ट हॉल प्रांगण में कथक का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सरकार का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश में जंहा पर्यटन को बढावा मिलेगा वहीं पारम्परिक कलाओं का विकास भी होगा। साथ ही इस प्रकार की पारम्परिक कलाओं से जुडे कलाकारों को रोजगार के अवसर भी बढेगें।

आपको बता दे कि जयपुर कथक केन्द्र कथक की एक शिक्षण संस्था है। कथक का प्रशिक्षण, अनुसंधान,विकास, कथक को लोकप्रिय बनाना और प्रशिक्षित छात्रों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार ने जयपुर में सन् 1978 में इसकी स्थापना की थी।

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