खाकी में भी बसते हैं कलाकार

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– चूरू पुलिस का अनूठा नवाचार : अपनी बात चूरू के साथ में दिखी पुलिस कांस्टेबलों की छिपी प्रतिभा

जयपुर। (अनुराग रायजादा) चूरू पुलिस, फिल्मस्थान और संप्रीति संस्थान की ओर से आयोजित ऑनलाइन लाइव चैट सेशन अपनी बात चूरू के साथ,
रविवार को चूरू पुलिस के जवानों ने यादगार बना दिया ।चूरू पुलिस के महिला और पुलिस कांस्टेबलों अपनी गायन शैली और शायरी की प्रतिभा से चूरू की जनता व फेसबुक पर जुड़े ऑनलाइन दर्शकों का मन मोह लिया। इन जवानों ने खाकी के पीछे कलाकार को सभी लोगों से रूबरू करवाया ।
चूरू पुलिस के 6 कांस्टेबल इस फेसबुक पेज पर लाइव रहे। सभी ने अपनी अपनी प्रतिभा को दर्शाया और एक स्वर में चूरू एसपी तेजस्विनी गौतम द्वारा मेरा चूरू – मेरा फर्ज अभियान की प्रशंसा की और इस अभियान के बाद जनता और पुलिस के रिश्तो में किस तरह से बदलाव आया यह भी बताया ।
चूरू पुलिस थाना कोतवाली के कॉन्स्टेबल बेल्ट नंबर 384 राकेश ने इस अवसर पर एक मोटिवेशनल वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।राकेश ने कहा कि चूरू पुलिस के फेसबुक पेज पर इस अभियान के तहत ऑनलाइन दर्शक पुलिस के प्रथम सदस्य महानिदेशक डॉ भूपेंद्र सिंह से मिल चुके हैं और एसपी मैडम के प्रयासों के कारण ही अब इसी कड़ी में पुलिस बल की अंतिम कड़ी कॉन्स्टेबल से भी जुड़ रहे हैं, यह एक अनूठा नवाचार है जिसने पुलिस और पब्लिक को एक अनूठे बंधन में बांधा है ।
एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में मुखरित होते हुए राकेश ने कहा कि चूरू एसपी तेजस्विनी गौतम ने इस कार्यक्रम के जरिए पुलिस के बारे में आम लोगों की धारणा को बदला है। राकेश ने कहा कि जब उन्होंने पुलिस सेवा ज्वाइन की थी तो सभी ने कहा था कि पुलिस का काम थैंकलेस है यहां पर कोई भी आपको अच्छा काम करने पर धन्यवाद नहीं देता वरन एक गलती पर सारे महकमे की बुराई होने लगती है लेकिन राकेश ने कहा कि इस कोरोनावायरस काल उन्हें यह भी देखने को मिला कि जब पुलिस की गाड़ी किसी गली से गुजरी तो उस पर फूल बरसाए गए। यह क्षण उनके लिए बड़ा सुकून और गर्व से भरा था की पुलिस का जॉब थैंकलेस नहीं है जनता भी उन्हें प्यार करती है ।
राकेश ने कहा कि पुलिस बल को इसी मनोबल की जरूरत थी और इस मनोबल को बढ़ाते हुए चुरु एसपी के नेतृत्व में सब अपने अपने कार्य को अंजाम देने में लगे हुए हैं। राकेश ने एक वक्ता के रूप में सभी लोगों से एक दूसरे की मदद करने का आह्वान किया और जिला एसपी तेजस्विनी गौतम सहित जिला कलेक्टर व अन्य सभी सरकारी महकमों का इस नवाचार में जुड़ने के लिए आभार व्यक्त किया।

कांता सोनगर की आवाज में दर्द और मुस्कान दोनों छलके
लेडी पुलिस पेट्रोलिंग यूनिट की कांस्टेबल बेल्ट नंबर 1114 कांता सोनगर ने तू कितनी अच्छी है /तू कितनी भोली है/ ओ मां / ओ मां….. गीत सुनाया और उन सभी माताओं को यह गीत समर्पित किया जिनके बच्चे आज कोरोना काल में ड्यूटी पर है और वह अपने बच्चों से मिल नहीं पा रही या फिर किसी न किसी रूप में वो अपने बच्चों से दूर है। कांता सोनगर ने अपनी बहन के लिए भी ऑनलाइन गीत गाया उन्होंने चूरू पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम को यह गीत डेडिकेट किया ”मिले हो तुम हमको… कितने नसीब से….।” दर्शकों की फरमाइश पर कांता सोनगर ने तेरी मिट्टी में मिल जावा गीत भी सुनाया। कांता ने दर्शको की फरमाइश पर ”तुझसे नाराज नही ज़िंदगी हैरान हॅू मैं…” गीत भी सुनाया ​जो पिछले दिनों लॉकडाउन के दौरान अपनी ड्यूटी करते हुए पुलिस वैन के माइक्रोफोन से उन्होने गाया था और उसका विडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया था। देश की जानी मानी हस्तियों ने भी उस विडियों को अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर किया था।

कुमार विश्वास को सुनाया विकास स्वामी ने 
पुलिस लाइन के पुलिस कांस्टेबल विकास स्वामी बेल्ट नंबर 367 ने ऑनलाइन लाइव सेशन में शाम को सुरीला बनाते हुए कुमार विश्वास की कविताओं को अपनी आवाज में गुनगुना। आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने वाली इन कविताओं को गाते हुए विकास ने ऑनलाइन दर्शकों की खासी दाद बटोरी ।विकास स्वामी ने कोई दीवाना कहता है/ कोई पागल समझता है आदि कविताएं सुनाई।

दुष्यंत कुमार और राहत इंदौरी के शे’अर जले सिंह के अंदाज में
चूरु यातायात पुलिस के कांस्टेबल बेल्ट नंबर 673 जले सिंह ने इस कोरोना काल में कवि दुष्यंत और राहत इंदौरी के शे’अर सुनाकर सभी को कोरोना वायरस से बचे रहने का संदेश दिया और दुष्यंत की कविताओं के साथ उन्होंने इंसानियत को बचाए रखने की अपील भी की।जले सिंह ने बाद मुद्दत के घर मिला है घर में रहा करो/ आपके दुख दर्द दिलो दिमाग में हैं हमारे/ हिफाजत इसी में है कि घर में रहा करो/सुनाई तो अपने मस्ताने अंदाज में उन्होंने सुनाया कि गुजरे हैं आज इश्क में उस मुकाम से/ कि वह छोड़ गए हमें एक छोटे से जुखाम से / सुनाकर वाहवाही बटोरी।

जगजीत सिंह के अंदाज में सामने आए रामसुख
बीदासर थाना पुलिस के कांस्टेबल बेल्ट नंबर 524 रामसुख ने जगजीत सिंह की नज़्म कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है सुनाई ।रामस्वरूप ने राजस्थानी और पंजाबी गीतों को भी सुनाया। बेवजह घर से निकलने की जरूरत क्या है/ मौत से आंख मिलाने की जरूरत क्या है/बड़े दिलकश अंदाज में लोगों को सुनाई।

राजस्थानी गीत और भजन गाए सुमन ने
चूरु महिला थाने के कांस्टेबल बेल्ट नंबर 395 सुमन ने राजस्थानी धरती के महत्व आन बान शान और भक्ति महिमा को बताते हुए राजस्थानी गीत और भजन सुनाए ।उन्होंने कृष्ण भक्ति पर आधारित सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया सुनाया।

*लाइव जारी :एक मुलाकात पुलिसकर्मिंयों का विशेष कार्यक्रम "अपनी बात चूरू के साथ" के साथ। चूरू पुलिस एवं फ़िल्मस्थान की ओर से जारी ऑनलाइन सेशन श्रृंखला के तहत चूरू पुलिस के फ़ेसबुक पेज पर लाइव*https://www.facebook.com/ChuruPolice/videos/2601556946770302/#ChuruFightsCorona #ChuruPolice #filmsthan #onlinesessions #ChuruPoliceLockdownContest #merachuru_merafarz #MyChuru_MyDuty #घरमेंरहें_सुरक्षितरहें #StayHomeStaySafe

Posted by SP Churu on Sunday, May 17, 2020

 

स्क्रिप्ट, गीत एवं संवाद लेखक रामकुमार सिंह ने साझा किए अपनी रचनात्मक यात्रा के संस्मरण

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