भारत पर्व-2018 : राजस्थान के लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति

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दिल्ली के ऎतिहासिक लाल किला पर  राजस्थानी संस्कृति की अमिट छाप

नई दिल्ली। दिल्ली के ऎतिहासिक लाल किला मैदान पर चल रहे भारत महोत्सव में राजस्थान पेवेलियन और प्रदेश की बहुरंगी संस्कृति की अमिट छाप सभी का मन मोह रही है।  रविवार को सांय राजस्थान पर्यटन विभाग के सौजन्य से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में राजस्थानी लोक कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य की प्रमुख आवासीय आयुक्त शुभ्रा सिंह थी।
पर्यटन विभाग और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. गुंजीत कौर एवं गोपेन्द्र नाथ भट्ट ने गुलदस्ता भेट कर शुभ्रा सिंह का स्वागत किया। सांस्कृतिक संध्या में बांरा से आये जानकीलाल एवं दल ने चकरी नृत्य, शाहबाद से आये हरिकेश सिंह व दल ने सहरिया नृत्य और बाड़मेर से आये प्रेम सिंह और साथी लोक नर्तकों ने सुप्रसिद्ध गैर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। उपस्थित जनसमूह ने भारी हर्षध्वनि और करतल ध्वनि से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

29 को होगा राजस्थानी पाक कला का लाइव डेमोस्ट्रेशन

राजस्थान पर्यटन सूचना केंद्र की अतिरिक्त निदेशक डॉ. गुंजीत कौर ने बताया कि थींम पेवेलियन के आगे राजस्थानी कलाकारों की  विभिन्न प्रस्तुतियां, कठपुतली प्रदर्शन को देखने भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी प्रकार राज्य के बाबूलाल केटलर द्वारा लगाये का राजस्थानी व्यंजनों का रसास्वादन करने लोग उमड़ रहे है।
उन्होंने बताया कि लाल किले में बनाये गए फूड कोर्ट में सोमवार 29 जनवरी को अपराह्व तीन से चार बजे राजस्थानी पाक कला का लाइव डेमोस्ट्रेशन होगा।  विश्व प्रसिद्ध शाही रेलगाडी पैलेस ऑन व्हील्स के शेफ मंगल बेसन गट्टा की सब्जी और केर सांगरी बनाने का सजीव प्रदर्शन करेंगे। राज्य के थींम पेवेलियन में पर्यटन व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदर्शित  की गई प्रदर्शनी को दर्शको द्वारा सराहा जा रहा है। प्रदेश के मशहूर हस्तशिल्पी इनमेंं अलवर के बिशम्बर दयाल और जयपुर के इसारे मखुमीे  तथा सांगानेर के मुकेश छीपा  द्वारा क्रमशः राजस्थानी जूतियों, राजस्थानी चूड़ियाँ और सांगानेरी प्रिंट के परिधानों का प्रदर्शन कर रहे है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश की सांस्कृतिक विविधताओं  और समग्र विकास का दिग्दर्शन करवाने के लिये पिछले वषोर्ं से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित किये जा रहे भारत पर्व में राजस्थान की अनूठी व बहुरंगी संस्कृति  लोगों के दिलों को छूकर सभी के आकर्षण का केंद्र बानी हुई है। 26 से 31 जनवरी तक दिल्ली के ऎतिहासिक लाल किला प्रांगण में आयोजित इस छह दिवसीय भव्य आयोजन में राज्यों के थींम पेवेलियन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खानपान, हस्तशिल्प कला  के स्टॉल्स लगाये गए हैं । साथ ही पहली बार प्रदेश के बावर्चियों द्वारा पाक कला का लाइव डेमोस्ट्रेशन भी रखा है। भारत  पर्व के दौरान राजस्थान के कच्छी घोड़ी, गेर,कठपुतली कलाकार और राजस्थानी मेहँदी लगाने वाली कलाकारो द्वारा धूम मचाई जा रही है।

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