चूरू पुलिस का अनूठा नवाचार आओ मिलकर करे कोरोना पर वार
चूरू। चूरू पुलिस फिल्मस्थान और संप्रीति संस्थान की ओर से जारी ऑनलाइन लाइव चैट फैशन श्रृंखला में गुरुवार को डॉक्टर सुशीला कटारिया ने जनसंवाद किया।
डॉ कटारिया ने कहा की कोरना को लेकर भ्रम नहीं पाले।कोरोना तन की बामरी है लेकिन लड़ाई मन की है। एेसे में आवश्यक है कोरोना रोग से लड़े रोगी से नहीं, अगर रोगी से लड़ेंगे तो कई लोग एेसे होंगे जो अपनी बीमारी के बारे बताएंगे नहीं।डॉ कटारिया ने कहा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाएं। खान पान का ध्यान रखें।
एन 95 मास्क के पीछे नहीं दौडे़
डॉ कटारिया ने कहा कि एन 95 मास्क के बजाए सूती कपड़े का तीन लेयर का मास्क आपको सुरक्षा दे सकता है। घर में ही मास्क तैयार किए जा सकते हैं।
सब्जी और फल विक्रेता संक्रमित है तो डरे नही
डॉ कटारिया ने कहा कि सब्जी और फल बेचने वाले अगर कोरोना संक्रमित हैं तो भी डरो नहीं। फल और सब्जी खाना बंद नहीं करें। फल और सब्जी को आधा घंटा नमक के पानी में भिगो कर रखें। उन्होने कहा कि खाना पकने बाद किसी तरह की समस्या नहीं है क्योंकि यह वायरस पचास से छप्पन डिग्री में नष्ट हो जाता है।
सैनेटाइजर नहीं है तो परेशानी नहीं
डॉ कटारिया ने समझाया की अगर सैनेटाइजर नहीं है तो साबुन और पानी से अच्छे से हाथ धोने पर ही काम चल सकता है। सैनेटाइजर के लिए परेशान नहीं हो।
किसी बिल्डिंग में कोरोना रोगी है तो डरे नहीं
डॉ कटारिया ने कहा कि अगर किसी रिहायशी बिल्डिंग में कोरोना रोगी है तो डरे नहीं क्योंकि कोरोना वायरस एक से तीन मीटर ती दूरी से फैलता है। बिल्डिंग के कॉमन एरिया और लिफ्ट को सैनेटाइज करना जरूरी है।
लॉकडाउन क्यों जरूरी है
डॉ कटारिया ने कहा कि कोरोना में अस्सी प्रतिशत लोगों को केवल खांसी, जुकाम और सरदी व सिरदर्द के लक्षण होते हैं । बीस फीसदी में सांस की दिक्कत और थूक में खून आने लगता है। इन्हें अस्पताल ले जाना जरूरी होता है। इन बीस फीसदी लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत होती है। लॉकडाउन के नियमों की पालना नहीं हुई तो सभी एक साथ बीमार होंगे। एेसे में चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हो इसलिए लॉक डाउन की पालना जरूरी है।
कौन हैं डॉ सुशीला कटारिया
मेदान्ता अस्पताल, गुरुग्राम की इन्टरनल मेडिसन विभाग की प्रमुख और कोराना संक्रमित यूनिट की इंचार्ज डॉ सुशीला कटारिया व उनकी टीम अभी तक कोरोना के उनके अस्पलात में इलाजरत 75 फ़ीसदी मरीजों को ठीक कर चुकी है । इटली को जो रोगी यहां भर्ती थे उन्हे ठीक करने का श्रेय भी डॉ कटारिया और उनकी टीम को है।




































