‘अलवर पुस्तक एवं आर्ट फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ

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अलवर। नेशनल बुक ट्रस्ट और जिला प्रशासन के सहयोग से प्रताप आॅडिटोरियम में ‘अलवर पुस्तक एवं आर्ट फेस्टिवल’ का शुभारंभर शनिवार को हुआ। फेस्टिवल का शुभारंभ नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बलदेव भाई शर्मा और जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने फीता काट कर की। पांच दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल में साहित्यिक ज्ञान की 1800 से अधिक पुस्तके उपलब्ध है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नेशनल बुक ट्रस्ट के बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि कला, संस्कृति व साहित्य के समन्वय ने आयोजन को एक नया रूप दिया है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में पुस्तक ही सच्चे मित्र की तरह सहयोगी होती
है। जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि मेले में सभी आयुवर्ग के लिए श्रेष्ठ पुस्तके है, आर्ट फेस्ट में कलाकार विभिन्न कलाओं की बारीकियों के बारे में विस्तार से चर्चा कर लोगों को सिखाएगें। जानेमाने कवि बलवीर सिंह करूण ने साहित्य और संस्कृति से जुडाव के लिए इस प्रकार के मेले के आयोजनों को आवश्यक बताते हुए आयोजको की सरारहना की। प्रशिक्षु आईएस निशांत जैन ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर नगर परिषद सभापति अशोक खन्ना, पूर्व उपसभापति राजदुलारी शर्मा, किशनगढ बास के उप प्रधान श्रीकिशन गुप्ता, एडीएम प्रथम हेमेन्द्र नागर, एसडीएम शुभम चौधरी,एसडीएम राजगढ आशीष मोदी, आईएस भारती दीक्षित, सहायक कलक्टर जावेद अली सहित बडी संख्या में पुस्तक प्रेमी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन गिरीश गुप्ता व मनीष जैन ने किया।
कार्यक्रम के दौरान युसुफ मेवाती एंड पार्टी ने भपंग वादन की शानदार प्रस्तुति दी। स्कली बालिकाओं द्वारा दी गई एक से बढकर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शको का जमकर मनोरंजन किया। शाम को स्कूली छात्र—छात्राओं ने रंगारंग प्र​स्तुतियां देकर रंग जमा दिया।  फेस्टिवल में जोधपुर, जयपुर समेत प्रदेशभर से आए युवा कलाकारों का हुनर देखकर लोग दंग रह गए। इस दौरान अलवर के बाल कलाकारों ने भी अपना हुनर दिखया। बाल कलाकारों ने आंखों पर पट्टी बांधकर कागज की शीट पर चित्र उकेरे और फिर पट्टी बांधे ही उन चित्रों में रंग भरे। सूरत से आए कलाकार अख्तर अहमद ने मात्र दो मिनिट में विभिन्न तरह की रंगोलिया बना कर लोगों को अचभिंत किया। पानी के रंगों का प्रयोग कर किसी भी चित्र को कैमरे से खीचें गए फोटो की तरह कैनवास पर उतार देने वाले  कलाकार किशनलाल ने बताया कि रंगों का सही तालमेल ही कला को विशेष रूप देता है। चित्र बनाने के बाद उसमें रंगों का आकर्षण ही उसे ज्यादा सुंदर बनाता है।
आर्ट मेले में मालाखेड़ा के कारीगरों के मार्बल से बनी आकर्षक दीवार घडिया, मोबाइल स्टैंड एवं अन्य सामग्री रामगढ़ की टेराकोटा मिट्टी के घरेलू उपयोग और सजावटी बर्तन, इस्लामपुर की कसीदाकारी की जूतियां तथा मौजडिया आदि भी आकर्षण का केन्द्र रही।
आपको बता कि पांच​ दिनों तक चलने वाले इस फेस्ट में विश्वप्रसिद्ध नृत्यांगना नलिनी—कमलिनी ‘मीराबाई’ पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देगी। इसके अलावा रंगशीर्ष संस्था, जयपुर की ओर से जाने—माने डायरेक्टर दिनेश प्रधान के मार्गदर्शन में ‘बाप रे बाप’ नाटक का मंचन भी किया जाएगा।

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