‘नाटक’ के जरिए समस्याओं को किया ‘जीवंत’

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जयपुर। अलसाना रंग थिएटर सोसायटी के बैनर तले रंवीन्द्र मंच पर मंगलवार को तीन लघु नाटको के मंचन के साथ तीन प्रमुख समस्याओं को जीवंत किया गया। थियेटर डायरेक्टर शाहरूख कदीर खान के निर्देशन में खेले गए तीनों नाटको में ज्यादातर उभरते हुए युवा रंगकर्मियों को अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का मौका दिया गया था। पहला नाटक ‘हतक’ मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो की कहानी पर आधारित था जिसमें वेश्यावृति और उसके परिणामों पर रौशनी डाली गई। नाटक की कहानी वेश्यावृत्ति में फंसी एक लडक़ी के इर्द-गिर्द घूमती है। नाटक के माध्यम से कलाकरों ने वेश्यावृत्ति और उसके परिणामों को दिखाने की कोशिश की है। नाटक में दिखाया गया है कि एक स्त्री अपने अपमान की वजह से आत्महत्या कर लेती है। इंसान को कभी गुरूर, घमंड नहीं करना चाहिए। आखिरकार अंत में उसका गुरूर टूटता ही है। इसमें मिस्टी चौहान, अरविंद चौधरी, देवेन्द्र चौहान, आसिफ आदि कलाकारों ने अभिनय किया। दूसरा नाटक अमित विश्वभारती का ‘रिफ्लेक्शन था जिसमें भ्रष्टाचार से पनपने वाली बिद्रूपताओं का चित्रण किया गया था। इस नाटक में शाहरूख कदीर खान, जिनेन्द्र, किशन, श्याम, सुंदर सोनी, नदीम अहमद और राशिदा शेख ने अभिनय किया। तीसरा नाटक ‘हवालात’ लेखक सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कहानी पर आधारित था। इस नाटक में गरीबी में जीवनयापन करने वालों के हालात का चित्रण बखूबी किया गया था। इसमें मनोज, विश्व प्रिया, फैजान और रवि ने अपनी अभिनय क्षमता का लौहा मनवाया।

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