कहानी : शौर्या (राज कुमार राव) और नूरी (गीताजंलि थापा) एक-दूसरे से प्यार करते हैं। शौर्या एक कंपनी में सर्विस करता है। हालात ऐसे बनते हैं कि शौर्या को एक दिन में शादी करनी है और उसे इसके लिए पहले रहने के लिए फ्लैट चाहिए। शौर्या का बजट पंद्रह हजार से ज्यादा नहीं बन रहा, ऐसे में मुंबई में कई एजेंट से मिलने के बाद भी शौर्या को इस किराए पर फ्लैट नहीं मिल रहा। ऐसे में शौर्या को एक एजेंट शहर से कुछ दूर कानूनी विवादों के चलते करीब दो साल से खाली स्वर्ग अपार्टमेंट की पैंतीसवी मंजिल पर एक फ्लैट किराए पर देता है। इस अपार्टमेंट में शौर्या के अलावा और कोई नहीं है। अपार्टमेंट के मेन गेट पर एक बूढ़ा वॉचमैन है, जिसे बहुत कम सुनाई देता है। शौर्या इस फ्लैट को किराए पर ले लेता है। फ्लैट में रात गुजारने के बाद शौर्या सुबह जाने की तैयारी कर रहा है। शौर्या ने फ्लैट के मेन गेट पर चाबी लगाई हुई है, अचानक उसे एकबार फिर फ्लैट के अंदर जाना पड़ता है, तभी तेज हवा के एक झोंके से फ्लैट का दरवाजा बंद हो जाता है, चाबी बाहर लटकी रह जाती है। अपार्टमेंट की पैंतीसवी मंजिल पर फंसे शौर्या का मोबाइल फोन भी जवाब दे देता है, अब उसके पास यहां से बच निकलने का कोई रास्ता नहीं है।
ऐक्टिंग : पूरी फिल्म शौर्या यानी राजकुमार राव के कंधों पर टिकी है। इस फ्लैट में शौर्या के पास पीने के लिए पानी नहीं, खाने के लिए कुछ नहीं है, ऐसे हालात में पल-पल जिंदगी की जंग हारते बेबस इंसान के किरदार को राव ने अपनी शानदार ऐक्टिंग से जीवंत कर दिखाया है। भूख के चलते फ्लैट में कीड़े-मकड़े खाने के सीन आपको हतप्रभ कर देंगे। राव की प्रेमिका बनी गीताजंलि थापा के पास करने के लिए कुछ नहीं था।
निर्देशन : नामी स्टार्स के साथ लुटेरा बनाने के बाद विक्रमादित्य मोटवानी ने लंबे अर्से बाद इस फिल्म के निर्देशन की कमान संभाली, स्क्रिप्ट की डिमांड के मुताबिक, मोटवानी खरे उतरे हैं। ऐसी फिल्में देखने वालों की क्लास अलग होती है और इस क्लास की कसौटी पर विक्रमादित्य खरे उतरेंगे।
क्यों देखें : अगर कुछ नया और अलग देखने के शौकीन हैं तो फिल्म आपको पंसद आ सकती है। टाइमपास, ऐक्शन, थ्रिलर, रोमांटिक मसाला फिल्मों के शौकीनों के लिए फिल्म में कुछ भी नहीं।

































